मथुरा के रेलवे ग्राउंड धौलीप्याऊ पर मंगलवार से 14 दिवसीय ब्रज रज उत्सव का शुभारंभ हो गया हैै। ब्रज की संस्कृति, कला, शिल्प के साथ देश- प्रदेश की कला, संस्कृति, व्यंजन के संगम के रूप में आयोजित इस उत्सव में करीब आठ सौ कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उप्र पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन द्वारा किए जाने वाले इस उत्सव का शुभारंभ सांसद हेमा मालिनी, प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप, पर्यटन अधिकारी डी के शर्मा समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। बतौर मुख्यअतिथि लक्ष्मीनारायण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रज की कला एवं संस्कृति के संरक्षण और बढ़ावा देने के लिए 2008 में शुरू यह ब्रज रज उत्सव आज वट वृक्ष बन चुका है।
सांसद हेमा मालिनी ने अपने संबोधन की शुरुआत राधे—राधे से की। कहा कि ब्रज मंडल से बड़ा कोई धाम नहीं, जहां भगवान श्रीकृष्ण प्रकट होकर अपनी लीला रचाते हैं। हमारा ब्रज धाम राधा रानी का हृदय है। बहुत से संतों का कहना है ब्रज से बढिया बैकुंठ भी नहीं है। इस समय कार्तिक माह चल रहा है। भगवान कृष्ण को यह माह बहुत पसंद हैं । इस माह में इतना बड़ा उत्सव आयोजित किया गया है। यहां बहुत बड़े—बड़े कलाकार प्रस्तुति देते है। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी मौका मिलता है। यह बहुत ही खुशी की बात है।
सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि संत मीराबाई ब्रज में 15 साल रही हैं। परंतु उन्हें उतनी प्रसिद्धि नहीं मिली जितनी की हकदार थीं। इसका मुझे बेहद दुख रहता था। इसे मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से विस्तार में बताया और कहा कि मीरा जी पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए। उन्होंने अपनी स्वीकृति देते हुआ कहा कि हम भी आएंगे। ब्रज रज उत्सव के मध्य में 23, 24 व 25 नवंबर को संत मीराबाई फेस्ट (जन्मोत्सव) का आयोजन प्रमुखता से मनाया जाएगा। इसमें रेलवे ग्राउंड मेला स्थल पर ही 23 नवंबर को मीरा जी के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री जी भी उपस्थित रहेंगे। वेटरिनरी यूनिवर्सिटी परिसर स्थित पं दीनदयाल उपाध्यायइस वर्ष उत्सव को वृहद रूप दिया जा रहा है, जिसमें संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार प्रमुख भागीदार है। इशिता विश्वकर्मा ने बंदे मातरम के गाने के साथ शुरुआत की। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों की भागीदारी करायी जा रही है। सायं 07 बजे से राष्ट्रीय स्तर के नामचीन कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो उत्सव का आकर्षण का केंद्र होंगी। 14 नवंबर मंगलवार को सायं 07 बजे से इशिता विश्वकर्मा के गीत व भजन को लोगों ने खूब सराहा। पहले दिन मंच पर साधौ बैंड भी धमाल मचाया। साधो बैंड भारत के असम, यूपी, राजस्थान और केरल से लेकर कश्मीर और उड़ीसा तक के लोक गीतों की धुन तैयार करता है।
आज अनुराधा पौडवाल की प्रस्तुति सभागार में मीराबाई पर 24 व 25 नवंबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह संगोष्ठी दो दिन चलेगी। इसमें देश भर से प्रमुख विद्वान वक्ता आमंत्रित किए गए हैं
मीराबाई के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में ही उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने हेमा मालिनी जी द्वारा अभिनीत वर्ष 1979 की फिल्म 'मीरा' का शो 24 नवंबर को रूपम टाकीज में रखवाया है। शुभलक्ष्मी द्वारा अभिनीत वर्ष 1947 में निर्मित फिल्म 'मीरा' को भी दर्शकों को 25 नवंबर को दिखवाये जाने की व्यवस्था की गयी है।इस वर्ष उत्सव को वृहद रूप दिया जा रहा है, जिसमें संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार प्रमुख भागीदार है। इशिता विश्वकर्मा ने बंदे मातरम के गाने के साथ शुरुआत की। साथ ही स्थानीय शिल्पकारों की भागीदारी करायी जा रही है। सायं 07 बजे से राष्ट्रीय स्तर के नामचीन कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो उत्सव का आकर्षण का केंद्र होंगी। 14 नवंबर मंगलवार को सायं 07 बजे से इशिता विश्वकर्मा के गीत व भजन को लोगों ने खूब सराहा। पहले दिन मंच पर साधौ बैंड भी धमाल मचाया। साधो बैंड भारत के असम, यूपी, राजस्थान और केरल से लेकर कश्मीर और उड़ीसा तक के लोक गीतों की धुन तैयार करता है।
15 नवंबर को करीब 7:30 बजे से सुप्रसिद्ध गायिका अनुराधा पोडवाल का कार्यक्रम होगा। 16 नवंबर को क्रेजी हूर्पर्स और मुरलीधर गोपाला कार्यक्रम, 17 नवंबर को कबीर कैफे कार्यक्रम प्रस्तुत होगा। 18 नवंबर को सुप्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी की प्रस्तुति होगी। 19 नवंबर को विवेक प्रकाश और सिद्धि धमाल कार्यक्रम तय है। 20 नवंबर को सायं 07 बजे से महाभारत के दुर्योधन यानि पुनीत इस्सर का नया कार्यक्रम राम कथा पर आधारित होगा। 21 नवंबर को कृष्ण अवतार एसबीकेके का आयोजन तय है। 22 नवंबर को मांगनिया (राजस्थानी फोक) प्रस्तुत किया जाएगा।उत्सव में लगभग 800 कलाकार अलग-अलग ग्रुपों में ब्रज के लोक संगीत, गीत, मंचन आदि के सायं 04 बजे से 07 बजे तक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। ब्रज की पुरानी विधा ढोला, रांझा, लावनी, जिकड़ी भजन, अलगोजा, नौटंकी, लोकगीत, श्रीकृष्ण-राधा की लीला, मयूर नृत्य, चरकुला नृत्य व फूलों की होली आदि कार्यक्रम अलग अलग दिन मंच पर और मेला प्रांगण में कराए जाएंगे।अलग-अलग माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे रोजाना मंच पर दोपहर 12 से 02 बजे तक अपने कार्यक्रम प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। विद्यालयों में बच्चों की मीरा बाई पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा। ब्रज रज उत्सव के अंतर्गत रेलवे मैदान मेला स्थल को आकर्षक बनाने के लिए भव्य सजावट की गई है।
बच्चों के लिए कई तरह के झूले लगाए गए हैं। दर्शक कई तरह के खान-पान का स्वाद भी ले सकेंगे। हैंडीक्राफ्ट के स्टाल भी लगे हैं।
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