हाइकोर्ट के आदेश से मिला चार श्रद्धालुओं की आत्मा को इंसाफ , 2022 में जन्माष्टमी पर बांकेबिहारी में भीड़ में दव कर गई थी जान "


गोपाल चतुर्वेदी 
जन जागरण संदेश 
मथुरा I 
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मथुरा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वर्ष 2022 में वृंदावन के श्रीबांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती के दौरान भगदड़ हो गई थी। इसमें दो श्रद्धालुओं की मौत की घटना ने प्रदेश सरकार को हिला कर रख दिया था। योगी सरकार ने आईएएस अधिकारी गौरव दयाल और पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई। इनको हादसे की जांच और इस प्रकार की भविष्य में पुर्नावृत्ति न हो, इसकी रिपोर्ट बनाने को कमेटी गठित की थी। गौरव दयाल ने हादसे की गहनता से जांच की। हादसे का मर्म भीड़ का दवाब और वर्तमान परिसर में पर्याप्त स्थान न होना पाया गया। इस पर उन्होंने कॉरिडोर बनाने की सिफारिश करते हुए सरकार को रिपोर्ट सौंपी।
योगी सरकार ने गौरव दयाल कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार किया। कॉरिडोर बनाने की चर्चा चली। मगर, इसी बीच वृंदावन के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ होने का हवाला देते हुए कुछ लोग इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। सरकार की ओर से जिला प्रशासन ने एक साल हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी। तमाम कॉरिडोर के समर्थन में दिए। दूसरी ओर से भी तमाम तर्क अपनी याचिका के संबंध में दिए गए। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर कोष से एक रुपया भी निर्माण कार्य में देने से मना कर दिया। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुना और एक साल बाद कॉरिडोर को श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की व्यवस्था के पक्ष में मानते हुए अपना फैसला दिया।वर्ष 2022 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मंगला आरती के दौरान ठाकुर श्रीबांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की भगदड़ मचने से नोएडा निवासी निर्मला देवी और वृंदावन के रुक्मिणी विहार निवासी रामप्रसाद विश्वकर्मा की मृत्यु हो गई थी। जबकि एक दर्जन से अधिक की तबीयत बिगड़ गई थी। इससे पूर्व श्रीबांके बिहारी मंदिर में 12 फरवरी 2022 को गोवर्धन रोड स्थित आनंद लोक कालोनी निवासी लक्ष्मण सिंह की बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ में दम घुटने से मृत्यु हो गई। इसके एक माह बाद ही 12 मार्च 2022 को मुंबई की सतनाम सोसाइटी निवासी मधु अग्रवाल की भी भीड़ में दम घुटने से मृत्यु हो गई।वर्ष 1864 में स्थापित श्रीबांके बिहारी मंदिर में वर्तमान में हर रोज हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या एक लाख के पार होती है। विशेष त्योहारों पर तो पांच लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में यहां आ जाते हैं। बीती जन्माष्टमी के मौके पर पुलिस का आकलन 50 लाख का था। जबकि मंदिर परिसर के भीतर चौक का एरिया 48 वाई 48 फुट का है, जिसमें एक समय में महज एक हजार के करीब लोग ही आ पाते हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती साबित होती है।श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए बांके बिहारी में कॉरिडोर समय की मांग है। गहन जांच के बाद कॉरिडोर का प्रस्ताव सरकार को दिया था। हाईकोर्ट का फैसला बेहद सरहानीय है। इससे श्रद्धालुओं की सुविधाओं में विस्तार होगा। प्रत्येक भक्त श्रीबांके बिहारी के दर्शन सुगमता से कर सकेगा। - गौरव दयाल, आईएएस, वर्तमान कमिश्नर अयोध्या मंडल

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