UPSC परिणाम में मथुरा का लहराया परचम:वृंदावन की बेटी बनी नायब तहसीलदार, फरह का लाल बना डीएसपी
गोपाल चतुर्वेदी
जिला संबाददाता
मथुरा I
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग UPSC ने सम्मिलित राज्य/ प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया। परिणाम घोषित होते ही मथुरा में खुशी की लहर दौड़ गई। वृंदावन की बेटी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार का मुकाम हासिल किया तो फरह के लाल डीएसपी बन गए। मुकाम हासिल करते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया और शुभ चिंतक मिठाई खिलाकर शुभकामना देने लगे।
शुक्रवार की देर शाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का परिणाम आया तो वृंदावन की कैलाश नगर कॉलोनी में खुशी की लहर दौड़ गई। यहां के रहने वाले योगेश गौतम की बेटी चर्चिता ने UPSC परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार की 13 वीं रेंक हासिल की। चर्चिता की इस कामयाबी पर परिवार ही नहीं मथुरा वासियों को गर्व है।
वृंदावन के इंडियन पब्लिक स्कूल से हाई स्कूल और इंटरमीडिएट करने वाली चर्चिता गौतम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीएससी और आईआईटी रुड़की से एमएससी किया। चर्चिता का सपना है कि वह सिविल परीक्षा पास कर IAS बने और देश की सेवा करे। चर्चिता अपनी कामयाबी का श्रेय माता,पिता और परिवार को देती हैं।
चर्चिता की इस कामयाबी पर मथुरा वासियों में खुशी की लहर है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जिला प्रचारक चंद्र शेखर, अरुण दीक्षित,भाजपा नगर अध्यक्ष विनीत शर्मा, भाजपा महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष पूजा चौधरी के अलावा मुकेश सारस्वत,राजीव तिवारी,पवन शर्मा,ब्रज भूषण मिश्रा ने चर्चिता को मिठाई खिलाकर शुभकामना दी तो पिता को बेटी के कामयाब होने पर बधाई दी।
यूपी पीसीएस 2022 के परिणाम में नगला चन्द्रभान दीनदयाल धाम के अमित पाठक डीएसपी बने हैं। पिछले वर्ष उनका चयन नायाब तहसीलदार के पद पर हुआ था।अमित ने गांव के ही सरस्वती शिक्षा मंदिर से पढ़ाई के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई श्री जी बाबा कालेज मथुरा से की । इसके बाद वह दिल्ली चले गए और आगे की पढ़ाई करने लगे। पढ़ाई के समय वह यूपी पीसीएस के लिए तैयारी कर रहे थे।
अमित का यू पी पीसीएस 2021 के परिणाम में नायाब तहसीलदार के पद पर चयन हो गया था। इसके बाद अमित ने फिर से कोशिश की और 2022 के परिणाम में डीएसपी के पद पर चयन हो गया । अमित ने बताया कि 29 जुलाई को उनकी मां का देहांत हो गया था, एक अगस्त को वह परीक्षा देने गए थे। मां मुझे अफसर बनाना चाहती थीं, उनके सपने को ही साकार कर रहा हूं। उन्होंने बताया कि वह आगे प्रयास करेंगे। उनकी तमन्ना आइएएस बनने की है।
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