युवती के पिता के साथ मिलकर कराइ युवक की हत्या:पहले गला घोंटा फिर कुल्हाड़ी से किया वार और सबूत मिटाने के लिए लगा दी आग, मथुरा पुलिस से मुठभेड़ में दो हत्यारोपी हुए गिरफ्तार

गोपाल ✒️ चतुर्वेदी ✍️ 
जिला सम्वाददाता ✍️ 
मथुरा I 
मथुरा के थाना जैंत क्षेत्र में शुक्रवार शनिवार की रात हुई युवक की हत्या के मामले में सनसनीखेज खेज खुलासा हुआ है। एकतरफा प्यार में मंगेतर ने प्रेमिका के पिता के साथ मिलकर युवक की हत्या करने की सुपारी दी। आरोपियों ने पहले युवक का गला घोंटा,फिर कुल्हाड़ी से सर पर वार किया और हत्या करने के बाद उसके शव को सबूत मिटाने के लिए जलाने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस की आरोपियों से मुठभेड़ हुई जिसमें दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए।
सुल्तानपुर के गोसाईगंज का रहने वाला 32 वर्षीय युवक आशीष थाना जैंत क्षेत्र के कृष्णा वैली होटल में सफाई नायक की नौकरी कर रहा था। यहीं पर आशीष की मुलाकात बिहार के सीवान की रहने वाली युवती रुपा से मुलाकात हुई। रुपा आशीष को चाहने लगी और उसी के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगी। हालांकि रुपा का यह प्यार एकतरफा था क्योंकि आशीष शादी शुदा था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभा रहा था।सीवान की रहने वाली रुपा की सगाई वहीं के रहने वाले आकाश से हो चुकी थी लेकिन रुपा खुश नहीं थी। आकाश रुपा को एकतरफा प्यार करता था। आकाश को जब आशीष के बारे में पता चला तो वह आग बबूला हो गया और उसने रुपा के पिता वीर बहादुर के साथ मिलकर रची आशीष को रास्ते से हटाने की साजिश।
सीवान निवासी वीर बहादुर की बेटी के नाम गांव में 10 बीघा जमीन थी। रुपा जब आशीष को चाहने लगी और पिता को पता चला तो उनको लगा कि कहीं बेटी जमीन आशीष के नाम न कर दे। इसी आशंका को लेकर वीर बहादुर ने भी आकाश का साथ देने का मन बना लिया।आकाश और वीर बहादुर ने आशीष को रास्ते से हटाने के लिए गोरखपुर के बांझगांव निवासी राहुल से संपर्क किया। राहुल को आकाश पहले से जानता था। आकाश ने राहुल को रास्ते से हटाने के लिए 70 हजार रुपए में सुपारी दी। सुपारी लेने के बाद राहुल वारदात से 10 दिन पहले मथुरा आया और उसने आशीष के साथ दोस्ती बढ़ाई। 10 दिन तक आशीष के साथ रहने के बाद जब दोनों में दोस्ती हो गई तो राहुल ने आकाश और वीर बहादुर को मथुरा बुला लिया।
मथुरा आने के बाद आकाश और राहुल शुक्रवार की शाम को आशीष के साथ उसी की मोटर साइकिल पर घूमने निकले। इसके बाद तीनों ने दिल्ली आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद तीनों मोटर साइकिल पर सवार होकर वापस लौटने लगे। यह लोग जैसे ही छटीकरा कस्बे से गरुड़ गोविंद मंदिर की तरफ आगे बढ़े और पहले से तय किए गए स्थान पर पहुंच गए। यहां राहुल और आकाश ने पहले रस्सी से आशीष का गला दबाया फिर छुपाकर रखी कुल्हाड़ी उसके सर पर दे मारी। आशीष की हत्या करने के बाद राहुल और आकाश उसके शव को पास में ही सरसों के खेत में ले गए। जहां आशीष की ही मोटर साइकिल से पेट्रोल निकालकर सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को आग लगा दी।
शव बरामद होने के बाद आशीष के पिता अशोक मिश्रा ने थाना जैंत में रुपा,आकाश सहित होटल कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज करने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की एक टीम बिहार के सीवान भी गई लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
बुधवार की देर रात थाना जैंत पुलिस को सूचना मिली कि आकाश,राहुल और वीर बहादुर कहीं भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची जहां आकाश और राहुल से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में आकाश और राहुल घायल हो गए। पुलिस ने मौके से वीर बहादुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घायल हुए आकाश और राहुल को इलाज के लिए अस्पताल भिजवा दिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयोग की गई कुल्हाड़ी,रस्सी ,315 बोर के 2 तमंचा के अलावा आशीष की मोटर साइकिल और मोबाइल बरामद किया। पुलिस अब राहुल के आपराधिक इतिहास का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
सुल्तानपुर का रहने वाला आशीष परिवार का कमाने वाला इकलौता सदस्य था। पिता अशोक की तबीयत खराब रहने के कारण पूरे परिवार की उसी के ऊपर जिम्मेदारी थी। आशीष की 9 वर्ष पहले शादी हुई थी उसके दो बेटी और एक बेटा है। आशीष 9 महीने पहले मथुरा आया था उससे पहले वह लखनऊ में नौकरी करता था। दिसंबर में रुपा आ कर रहने लगी।

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