आदि काल से होती आई है अन्तग्रेही ब्रज परिक्रमा**नन्दगाँव - बरसाना के ब्रजवासियो ने एक स्वर में अन्तर्वेदी ब्रज परिक्रमा का विकास कार्य शुरू होने का किया समर्थन*
गोपाल ✒️ चतुर्वेदी ✍️
जिला सम्वाददाता ✍️
मथुरा I
नन्दगाँव । नन्दगाँव के नंदबाबा मन्दिर में रविवार को बरसाना के श्रीजी मन्दिर समाज के मुखिया रामभरोसी गोस्वामी की अध्यक्षता में एक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमे दोनो तीर्थों के ब्रजवासियो ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि आदिकाल से ब्रज चौरासी कोसीय ब्रजयात्राये अन्तर्वेदी ही होती आई है। बाह्य परिक्रमा तो केवल अधिक मास में ही कि जाती है, जबकि अन्तर्वेदी परिक्रमा वर्षभर चलती रहती है। जो लोग अन्तर्वेदी परिक्रमा को काल्पनिक बता रहे है, उन्हें ब्रज का तनिक भी ज्ञान नही है, निजी स्वार्थों के चलते वो ठाकुरजी की लीलास्थलियों को काल्पनिक बता कर पाप कमा रहे है। बरसाना के गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसी गोस्वामी ने कहा कि सरकार ने जो डीपीआर बनाई है , वो एकदम सही है, कुछ जनप्रतिनिधि जनता को भड़का कर विरोध कर रहे है वो गलत है। उन्होंने कहा कि पहले अन्तर्वेदी ब्रज यात्रा परिक्रमा मार्ग का विकास और सौंदर्यीकरण हो,,, उसके बाद बाहरी परिक्रमा का भी विकास हो। नन्दगाँव गोस्वामी समाज के मुखिया छैल बिहारी गोस्वामी ने कहा कि बाहरी परिक्रमा के विकास से हमे कोई आपत्ति नही है, मगर ब्रज भक्तो की भावनाओ को ध्यान में रखकर पहले अन्तर्वेदी परिक्रमा का सौंदर्यीकरण हो।
ब्रज इतिहास के विशेषज्ञ आचार्य गौरव गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग के आचार्य महाप्रभु बल्लभाचार्य जी, चैतन्य महाप्रभु, स्वामी हरिदास जी, नारायण भट्ट जी , आनंदघन जी, नागा बाबा आदि सभी महापुरुष ने आदि वृन्दावन को ही निज ब्रज वृन्दावन मानते हुए ब्रजयात्राये की है , इस दौरान मथुरा ,गोवर्धन काम्यवन बरसाना, नन्दगाँव, कोकिलावन, बठैन, चरण पहाड़ी, चमेलीवन, खरोट, कोसीकलां, पैग़ाव, खेलनवन, अक्षयवट, चीरघाट, बच्छवन, भांडीर वन, बंसीवट, वृन्दावन, लोहवन, बलदेव, रमणरेती महावन ,गोकुल, रावल, होते हुए मथुरा में यात्रा सम्पन्न होती है। इसी बीच मे हजारों लीलास्थियो वन उपवन, अधिवन, महावन ,प्रतिवन, मन्दिर देवालय, कुंड सरोवर ,पर्वतों आदि के दर्शन ब्रज भक्त करते है। इसलिए सर्वाधिक मान्यता अन्तर्वेदी परिक्रमा की ही आदिकाल से रही है। इस बैठक में नंदबाबा मन्दिर कमेटी के अध्यक्ष डॉ भुवनेश गोस्वामी, बिजन गोस्वामी, रमेश गोस्वामी, कन्हैया बाबा, सतीश गोस्वामी, बालो भईया, गुड्डी, रमेश सीए, उमेश हरिओम, भगवत प्रसाद, दिनेश गोस्वामी, गोस्वामी, दान बिहारी चौधरी, हंसराज चौधरी,बिहारी मास्टर, रामो डॉक्टर मौजूद रहे।
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