रिफाइनरी कांट्रेक्टर वर्कर्स यूनियन (मजदूरों )ने फिर की जिलाधिकारी मथुरा से शीघ्र जांच और कार्यवाही की गुहार*
गोपाल ✒️ चतुर्वेदी
जिला सम्वाददाता
मथुरा I
मथुरा राजीव श्रीवास्तव
दैनिक संदेश
मथुरा। पेट्रोलियम वर्कर्स यूनियन की कांट्रेक्ट वर्कर्स मथुरा रिफाइनरी यूनिट ने आज जिलाधिकारी मथुरा पुलकित खरे से पुनः अनुरोध किया कि पारिश्रमिक वापसी के जरिये काले धन के सृजन पर शीघ्र जांच और कार्यवाही की जाए । यूनियन के यूनिट अध्यक्ष मधुवन दत्त चतुर्वेदी एडवोकेट ने जिलाधिकारी श्री पुलकित खरे द्वारा 26 दिसम्बर2022 को दिए आश्वासन को याद दिलाते हुए जिला प्रशासन को अवगत कराया कि जांच और कार्यवाही में देरी का लाभ उठाकर दोषी ठेकेदारों एवं रिफाइनरी के कुछ अधीनस्थ अधिकारियों में से कुछ के गठजोड़ ने शिकायतकर्ता श्रमिकों को बुरी तरह प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है । श्रमिकों में से 16 को अवैध तरीके से काम से हटा दिया है , एक ठेकेदार द्वारा दिसम्बर का वेतन एक महीने से ज्यादा लटकाए रखा गया, बाकी सभी मजदूरों को डराया और धमकाया जा रहा है कि वे या तो शिकायत वापस लेकर अवैधरूप से मजदूरी लौटना जारी रखें वरना नौकरी से हटा दिए जाएंगे । मारने पीटने, झूठे पुलिस केस लगाने तक की धमकियां मजदूरों को दी जा रही हैं । यूनियन द्वारा अवैध बसूली समाप्त करने के लिए सुझाई गयी कार्ययोजना पर कोई अमल मैनेजमेन्ट ने नहीं किया है । आज सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि जांच और कार्यवाही शीघ्र संपादित की जावे तथा रिफाइनरी मजदूरों को ठेकेदारों की गुंडई से संरक्षण प्रदान कराएं । प्रतिनिधिमंडल में मधुवन दत्त चतुर्वेदी के साथ कांग्रेस के सुशील सागर एडवोकेट , कौमी एकता मंच के जीसस चतुर्वेदी एडवोकेट और कई संविदा श्रमिक मौजूद थे ।
Comments
Post a Comment