आचमन तो.लेना दूर.इतने गंदे घाट कि दूर से ही हाथ जोड़ रहे श्रद्धालु! इतनी गंदी हो कैसे गई यमुना
गोपाल चतुर्वेदी
G C News Network
मथुरा
अचानक स्वामी घाट और मसानी सीवेज पंपिंग स्टेशन से नालों का पानी ओवरफ्लो होने से गंदा पानी यमुना में सीधा जाता रहा. इसका असर यमुना के घाटों पर देखने को मिल रहा है. स्थानीय निवासी सर्वोत्तम चतुर्वेदी ने यमुना के घाटों पर लगी गंदगी के बारे में बताया इन दिनों यमुना में बेहद गंदगी है. मरे हुए पशु बह रहे हैं. इन दिनों यमुना का जल आचमन करने लायक नहीं है और यमुना में गंदे पानी की वजह से मछलियां भी मर रही हैं.यमुना के घाटों पर जमी गंदगी के संबंध में मथुरा के मेयर डॉ. मुकेश आर्य ने बताया मां यमुना की सफाई व्यवस्था के लिए हम लगातार काम करते रहते हैं. पिछले कई महीनों से यमुना का पानी बहुत ही साफ रहा पर कोसी की तरफ से आने वाली नहर में अचानक गंदा पानी छोड़ दिया गया, जिसकी वजह से कूड़ा करकट यमुना में बहकर आ गया. हम प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द कचरे की सफाई कराई जाए. सफाई का काम शुरू कर दिया गया है.जब आर्य से एसटीपी प्लांट के नाले ओवरफ्लो होने की बात कही गई तो उन्होंने बताया नाले ओवरफ्लो नहीं हुए थे, नहर का पानी अचानक तेजी के साथ आया था और वह पानी एसटीपी प्लांट से ओवरफ्लो होते हुए सीधा यमुना में चला गया. किसकी लापरवाही से ऐसा हुआ है, यह जांच कराई जा रही है.
जबकि नमामी गंगे योजना के अंतर्गत माँ यमुना की सफाई के बढ़े बढ़े दावे किये जाते हैं जो हकीकत से परे हैं चुनाव के समय यमुना को साफ करने की कसमें खायी जाती है पर नतीज़ा ढाक के तीन पात कुछ सामाजिक संगठनों ने एनजीटी और इलाहाबाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी आवाज उठाई है पर किसी भी अधिकारी को माँ यमुना की इस दुर्दशा पर तरस नहीं आता है I
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