मोनी अमावस्या के साथ शनि अमावस्या पर कोकिलावन धाम में उमड़े श्रद्धालु
गोपाल चतुर्वेदी
जी सी न्यूज नेटवर्क
मथुरा
कोसीकलां। शनि अमावस्या के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने कोकिलावन की परिक्रमा कर शनिदेव की पूजा की। सूर्यकुंड में आस्था की डुबकी लगाई। भीड़ को व्यवस्थित करने में मंदिर प्रबंधतंत्र को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शुक्रवार की देर रात से ही हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, मध्यप्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालु मंदिर पर पहुंचे। शास्त्रों के अनुसार शनि अमावस्या हिंदू धर्म के लिए विशेष महत्व रखता है। जिसको लेकर शनि अमावस्या पर शनिदेव की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है।श्रद्धालुओं ने सूर्यपुत्र शनिदेव भगवान के दर्शन कर सरसों का तेल, काले तिल अर्पित कर मंगल कामना की। इस दौरान बिहारी जी मंदिर में भव्य फूलबंगला सजाया गया। लोग शनि महाराज का अभिषेक कर बिहारीजी महाराज के दर्शनों के पहुंचते रहे। भारी भीड़ के बीच लोग गगनभेदी जय शनिदेव के जयघोष लगाते रहे। श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया।स्वभूति मिशन द्वारा विश्व शांति के यज्ञ का आयोजन किया गया। वहीं अयोध्या की हनुमान गढ़ी महंत राजूदास ने साधु-संतों के साथ शनिदेव के दर्शन किए। श्रीमहंत प्रेमदास ने शनिदेव महाराज का अभिषेक किया और विश्व शांति की कमाना करते हुए सभी के लिए आशीष मांगा। उन्होंने कहा कि इस विशेष संयोग के दिन शनि पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है।
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